दिल्ली -रहीमुद्दीन सैफी
दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके में आजकल आपको हर गली में कूड़े के ढेर देखने को मिल जाएंगे । एक तरफ जहां सरकार ने कोरोना वायरस के चलते साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया हुआ है लेकिन यह सभी दावे मुस्तफाबाद के एरिया में आकर किसी भी नागरिक को जाकर पता चल जाएगा कि यहां के इलाकों की नालियों में कितनी गंदगी है जो साफ सफाई ना होने के कारण इकट्ठी होती चली जा रही है । क्योंकि इस इलाके के नगर निगम के सफाई कर्मियों का रवैया है कि मुस्तफाबाद के वार्ड ई-58 में आकर लगभग 1 महीने में नालियों को साफ करना और उसके इकट्ठे हुए कूड़े को लगभग उसके भी 15 दिन बाद तक उठाने का अपना एक विशेष नियम बनाया हुआ है जिसमें सफाई कर्मचारी का इंचार्ज भी शामिल है । इस इलाके में केवल नगर निगम के सफाई कर्मियों के अलावा कोई भी अधिकारी या संबंधित विभाग का उच्च अधिकारी इस मोहल्ले में झांकने तक नहीं आते हैं कि साफ सफाई हो रही है या नहीं
वार्ड ई- 58 में जो सफाई कर्मी नालियों को साफ करके उसका कूड़ा व गंदगी निकाल कर नाली के बाहर छोड़ गए थे वह भी नहीं उठाई है जो होने वाली बारिश में दोबारा वापस नालियों में जाना शुरू हो गया है ।





