Sunday, November 22, 2020

पत्रकार को एकजुट होने का किया आव्हान ।

 


दिल्ली - रहीमुद्दीन सेफी !

देश की राजधानी में दिल्ली में जन सहारा के संपादक रहीमुद्दीन सैफी ही के निवास स्थान पर पत्रकारों की एक बैठक की गई । 


बैठक में सभी पत्रकारों ने संकल्प लिया कि हम सदैव सच्चाई को उजागर करेंगे । 

असलम अंसारी ने अपने शब्दों में कहा कि हमें कभी भी झूठी या अफवाह वाली खबरें नहीं चलानी चाहिए । 

ऐस ए बेताब ने कहा कि हम लोकतंत्र का चौथा पाया है हमें सच्ची खबरों को चलाने में कोई भी एतराज नहीं करना चाहिए उसको खबरों में प्रसारित करना चाहिए और कभी कभी देखा गया है कि पत्रकारों पर अत्याचार हो रहे हैं जिसे हम यह बर्दाश्त नहीं करेंगे ।

रहीमुद्दीन सैफी ने कहां की हम पत्रकारों पर हो रहे अत्याचार की घोर निंदा करते हैं और हम सब पत्रकार उसके साथ हैं जो हमारा साथी पत्रकार पीड़ित किया जा रहा है चाहे वह प्रशासन द्वारा  या किसी व्यक्ति द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है हम उसको बर्दाश्त बिल्कुल नहीं करेंगे । 

बुलंद संदेश के पत्रकार एजाज अली ने कहा कि  हम पीड़ित पत्रकार के लिए अपनी आवाज को दिल्ली से भी बुलंद करेंगे ।

तासीम अहमद ने कहा कि वास्तव में आज के दौर में पत्रकारो को जगह-जगह पीड़ित के जा रहा है परेशान किया जा रहा है उस पर अत्याचार किया जा रहा है जो बहुत ही निंदनीय है और हम सदैव पत्रकार साथी के साथ रहेंगे चाहे उसके लिए हमें दिल्ली से लेकर कहीं भी जाना पड़े  हम उसके न्याय लिए तत्पर रहेंगे । 

गुलशन जहां ने अपने शब्दों में कहा कि जगह जगह महिला पत्रकार को भी पीड़ित किया जा रहा है ऐसे में यह बहुत ही सोचने का विषय है जिस पर हम सभी पत्रकारों को मिलकर उसके न्याय के लिए दिल्ली जंतर मंतर पर भी धरना करना पड़ जाएगा तो जरूर करेंगे ।

इदरीश जेके ने कहा कि बैठक में उपस्थित पत्रकारों ने जो भी अपने विचार रखे मैं उन सभी विचारों से सहमत हूं और मैं सदैव इनके साथ हूं ।


Saturday, November 14, 2020

दिवाली की मुबारकबाद के साथ, पत्रकारों के आत्म सम्मान के लिए बैठक ।

 


दिल्ली

देश की राजधानी में दिल्ली में आज दीपावली के शुभ अवसर पर कुछ पत्रकारों की विशेष बैठक जन सहारा के संपादक रहीमुद्दीन सैफी ही के निवास स्थान पर की गई । 

जिसमें सभी पत्रकारों ने दीपावली की शुभकामनाएं सभी देशवासियों को दी एवं दिवाली हर्ष उल्लास के साथ सभी के जीवन में आए । 

साथी पत्रकारों ने कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ पत्रकार ही होता है जो बिना डरे बिना झुके सच्चाई को समाज के सामने एक आईने के सामान साफ दिखाता है । लेकिन आज देश में अलग-अलग हिस्सों में पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमले वह क्या की जा रही है जो बहुत ही निंदनीय है । क्योंकि समाज में पत्रकार अगर कोई भी खबर  ना दिखाएं तो  समाज अंधा हो जाएगा । क्योंकि पत्रकार एक ऐसा स्तंभ है जो केवल अपने ही बलबूते पर सब कुछ खर्च कर करके अखबार ए चैनल चलाता है  । समाज में कुछ ऐसे असामाजिक तत्व है जो पत्रकारों से ईर्ष्या की भावना रखते हैं वह उनकी चलाई हुई खबर पर एतराज करते हैं क्योंकि वह पत्रकार सच्चाई दिखाते हैं जिसका फल उन्हें  द्वेष, इर्षा, नफरत आदि के रूप में मिलता है । पत्रकारों के हितों के लिए हम सदैव साथ हैं और साथ ही रहेंगे चाहे हमें इसके लिए आगे चलकर एक बड़ा आंदोलन ही क्यों ना करना पड़े । 

 बैठक में रहीमुद्दीन सैफी, असलम अंसारी, एजाज अली, तासीम अहमद, इदरीश जेके, ब्रह्मपाल, सुरेश शर्मा, आशा यादव एवं गुलशन जहां आदि उपस्थित रहे।







जन सहारा हिंदी समाचार पत्र

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