दिल्ली - इदरीश जेके ।
देश की राजधानी दिल्ली जिस पर पूरे देश को नाज है लेकिन साफ सफाई के मामले में पिछड़ी हुई है ज्यादातर दिल्ली के इलाकों में उनकी गलियों की नालियां बद से बदतर हैं जिसमें लोगों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है उन्हें डर है कि कोई महावारी उन्हें अपनी चपेट में ना ले ले।
ऐसा ही हाल दिल्ली के वार्ड नंबर E-58 मुस्तफाबाद का है जहां गलियों की गंदी नालियों में कूड़े का अंबार लगा पड़ा है। जिसकी निगम पार्षद प्रवीण बेगम है जो पिछले 2 योजनाओं से निगम पार्षद के पद पर सुशोभित है लेकिन इनके अंतर्गत आने वाले वार्ड नंबर E-58 में नालियां इस कदर कूड़े कचरे से भरी पड़ी है कि उन्हें साफ सफाई करने वाला कोई भी कर्मचारी समय से नहीं आता है आते भी हैं तो कभी एक बार या 15 दिन में एक बार अपनी सफाई कर्मी टीम के साथ लोग आते हैं जो जल्दी बाजी में लापरवाही करते हुए ऐसे दिखावटी साफ सफाई करते हैं कि उनसे बेहतर सफाई करने वाला कोई नहीं लेकिन इनके सुपरवाइजर आज तक मोहल्ले वालों ने नहीं देखे कि वह कब आते हैं कब साफ सफाई करवाते हैं ऐसा लगता है कि यहां पर उन्होंने ध्यान देना ही बंद कर दिया है क्योंकि वह चाहते हैं कि यहां पर भरपुर गंदगी हो जिससे यहां कमल खिल जाए जिससे बीजेपी को भरपूर फायदा हो क्योंकि कमल हमेशा कीचड़ में खिलता है । मोहल्ले के लोग इतने परेशान हैं उन्हें चलने फिरने में भी बड़ी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है जब ज्यादा तकलीफ के कारण कभी संबंधित सफाई कर्मियों के अधिकारियों को फोन करते हैं तो वह उस पर कोई ध्यान नहीं देते बल्कि ऐसे ही टालमटोल करके बहाना बना देते हैं उदाहरण के तौर पर ऐसे कर्मचारियों में राम कुमार और राजकुमार आपको देखने को मिल जाएंगे पता नहीं देश की राजधानी दिल्ली के इस इलाके मुस्तफाबाद में कब साफ सफाई का अभियोजन कर्मचारी सुचारू रूप से शुरू करेंगे या कोई माहवारी होने के संकेत की खबर की इंतजार में क्योंकि विगत पिछले लगभग 8 साल से बनी निगम पार्षद परवीन बेगम को किसी मोहल्ले वाले ने अपनी गली में साफ-सफाई या किसी अन्य कार्य के बारे में नहीं देखा है लेकिन निगम पार्षद प्रवीण बेगम के पति उससे भी बढ़कर है जब उससे मोहल्ले वाले साफ सफाई के संबंध में बात करते हैं तो वह साफ साफ लफ्जो में डांटते हुए लोगों को बोलते हैं कि क्या नाली में साफ करूंगा ऐसे में मुझसे नहीं कर्मचारियों से बात करो सफाई कर्मी बहाना बनाकर निकल जाते हैं । ऐसे है हमारी दिल्ली का नगर निगम विभाग ।






